छात्रों ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, परीक्षा पर लग सकती है रोक

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कोविड-19 के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह इसमें हस्तक्षेप करके सीबीएसई को आदेश दे कि जब तक परिस्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक परीक्षा न ली जाए.

नई दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई द्वारा दसवीं और 12वीं की परीक्षा लेने की बात कन्फर्म किए जाने के बाद छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप करने को कहा है. करीब 809 छात्रों ने लेटर लिखकर सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने को कहा है. कोविड-19 के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह इसमें हस्तक्षेप करके सीबीएसई को आदेश दे कि जब तक परिस्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक परीक्षा न ली जाए. उन्होंने बिहार और तेलंगाना का भी उदाहरण दिया जिन्होंने महामारी के कारण परीक्षा टाल दी है.

छात्रों के स्वास्थ्य का दिया हवाला
ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव संदीप सौरव ने छात्रों की ओर से लेटर पेटीशन फाइल किया. चीफ जस्टिस एसए बोबडे और दूसरे जजों को संबोधित करते हुए सौरव ने छात्रों, उनके माता-पिता और टीचर्स के स्वास्थ्य की ओर ध्यान दिलाया. उनका कहना था कि देश में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लगातार बढ़ती ही जा रही हैं.

सीबीएसई ने जारी किया था नोटिस
पहले छात्रों ने सीबीएसई के सोशल मीडिया हैंडिल ट्विटर पर परीक्षा न करवाने की अपील की थी. इसके बाद अपने आधिकारिक नोटिस में सीबीएसई ने कन्फर्म किया था कि परीक्षाएं ली जाएंगी. हालांकि, सीबीएसई ने इसके लिए किसी भी तारीख की घोषणा नहीं की. सीबीएसई ऑफिशियल के मुताबिक परीक्षा की तारीखें शिक्षा मंत्रालय से बात करके गृह मंत्रालय की गाइडलाइन्स के मुताबिक की जाएगी.

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जुलाई में घोषित हुआ था रिजल्ट
बता दें कि सीबीएसई ने 13 जुलाई को 12वीं कक्षा का और 15 जुलाई को 10वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित किया था. करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट दसवीं के और 87 हज़ार स्टूडेंट 12वीं की कंपार्टमेंट आई थी. आमतौर पर इन परीक्षाओं को जुलाई के महीने में करवाया जाता है. हालांकि, इस साल कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण अभी तक परीक्षा की तिथियों की घोषणा नहीं की गई है.