जैसलमेर में तबलीगी जमात के पदाधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज, संक्रमण फैलाने का आरोप

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जिले के पोकरण में पुलिस ने तबलीगी जमात के पश्चिमी राजस्थान के एक मुख्य पदाधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. आरोप है कि वह लॉकडाउन  की अनदेखी कर आमलोगों के संपर्क में आता रहा, जिससे कोरोना वायरस (COVID-19) के प्रसार का खतरा बढ़ गया है. गुरुवार को इसकी पदाधिकारी की कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

यह पदाधिकारी एक मस्जिद में मौलवी है और तब्लीगी जमात का पश्चिमी राजस्थान का मुख्य पदाधिकारी है. यह गत 13 मार्च को विभिन्न राज्यों की यात्रा से आए तबलीगी जमातियों के साथ रहा. उसके बाद गत 17 मार्च को वहां से रवाना होकर वापस पोकरण पहुंचा. कोरोना वायरस के वैश्विक बीमारी के रूप में प्रसार हो जाने के कारण गत 23 मार्च को केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन की घोषणा हो गई थी.

पुलिस अधीक्षक किरन कंग ने बताया कि मौलवी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. वह मार्च में सहारनपुर के देवबंद मदरसे में गया था. वहां से वह विभिन्न मरकजों में शामिल हुआ. इसके बाद वह राजस्थान के चूरू और टोंक में तबलीगी जमात के साथ घूमा. नई दिल्ली से तबलीगी जमात के जो लोग पोकरण आए थे, वे भी 23 से 26 मार्च तक यहां मदरसे में मौलवी के पास रुके थे.

पोकरण भी बना कोरोना हॉट स्पॉट

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मौलवी के पास पुलिस टीम दो बार इस संबंध में जानकारी लेने के लिये गई थी, लेकिन दोनों बार उसने कोई जानकारी नहीं दी और न ही पुलिस का सहयोग किया. इस पर उसके खिलाफ धारा 269, 270, 271, 188 और 51(बी) आपदा प्रबन्‍धन अधिनियम 2005 के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है. आपको बता दें कि पोकरण भी कोरोना हॉट स्पॉट बन गया है. यहां चार दिनों में 27 कोरोना संक्रमित सामने आ चुके हैं.

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मौलवी गांवों में घूमता रहा
कोरोना वायरस जैसी वैश्विक संक्रमण महामारी को रोकने के लिए सभी लोगों से घरों में रहकर सोशल डिस्टेन्स कॉनसेप्ट की पालना करने की अपील की गई थी. इसके बावजूद मौलवी ने धारा 144 के आदेश व लॉकडाउन की शर्तों का उल्लंघन करते हुए अपने घर पर नहीं रहकर गत 23 मार्च के बाद लगातार बडली, उजलां, थाट, पोकरण, गोमट व आस-पास के गांवों में घूमता रहा.