अनगिनत फायदों वाले तुलसी के पत्तों के कुछ नुकसान भी हैं, खाने से पहले जान लें

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तुलसी को जीवन के लिए अमृत माना जाता है और इसमें औषधीय ही नहीं आध्यात्मिक गुण भी होते हैं जिसकी वजह से तुलसी न सिर्फ घर-घर में पूजी जाती है बल्कि जड़ी बूटियों में भी श्रेष्ठ मानी जाती है. प्राचीन काल से ही विभिन्न दवाइयों को बनाने में तुलसी का इस्तेमाल हो रहा है. आपने भी अपनी दादी-नानी के मुंह से तुलसी के ढेरों फायदे सुने होंगे. सर्दी-जुकाम, खांसी की परेशानी हो या फिर इम्यूनिटी को मजबूत बनाना हो, तुलसी के पत्तों का काढ़ा बेहद फायदेमंद माना जाता है. स्किन इंफेक्शन की समस्या को दूर करना हो, ओरल हेल्थ की बात हो या फिर सिरदर्द की- हर तरह की समस्या में तुलसी का सेवन लाभदायक माना जाता है.

इतने सारे फायदों वाली तुलसी के बारे में शायद ही आपने कभी सोचा होगा कि इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. लेकिन यह पूरी तरह से सच है कि औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी के भी कुछ साइड इफेक्ट्स हैं. तुलसी का बहुत ज्यादा मात्रा में सेवन किया जाए तो यह सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है और कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें तुलसी का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि लगातार 8 हफ्तों तक सीमित मात्रा में अगर तुलसी का सेवन किया जाए तो यह सुरक्षित हो सकता है लेकिन उसके बाद भी तुलसी का सेवन जारी रखना सेफ है या नहीं इस बारे में ज्यादा जानकरी मौजूद नहीं है. लिहाजा कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए.

तो आखिर किन लोगों को तुलसी का सेवन नहीं करना चाहिए और किनके लिए नुकसानदेह हो सकती है तुलसी, यहां जानें.

  1. गर्भवती महिलाएं न करें तुलसी का सेवन

तुलसी में यूजेनॉल नाम का तत्व पाया जाता है और इस कारण प्रेगनेंसी के दौरान तुलसी का सेवन गर्भाशय में संकुचन और मासिक धर्म शुरू होने का कारण बन सकता है जिससे मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है, खासकर प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों के दौरान. लिहाजा ऐसे समय में गर्भवती महिलाओं को तुलसी के सेवन से बचना चाहिए. गर्भावस्था में तुलसी के सेवन से डायरिया भी हो सकता है. बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करवाने वाली महिलाओं को तुलसी का सेवन करना चाहिए या नहीं इस बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है. लेकिन स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी बेहतर यही होगा कि वे तुलसी का सेवन न करें.

 

  1. डायबिटीज के मरीज न खाएं तुलसी

बहुत सी स्टडीज में यह बात सामने आयी है कि तुलसी, ब्लड शुगर को कम करने का काम करती है. ऐसे में वे लोग जो डायबिटीज या हाइपोग्लाइसीमिया (असामान्य रूप से ब्लड शुगर का लो लेवल) के मरीज हैं और शुगर की दवाइयां ले रहे हैं अगर वे तुलसी का सेवन करें तो इस वजह से उनके ब्लड शुगर में बहुत ज्यादा कमी आ सकती है और यह उनके लिए खतरनाक हो सकता है. लिहाजा डायबिटीज या शुगर के मरीज डॉक्टर से पूछे बिना तुलसी का सेवन बिलकुल न करें.

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  1. हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों के लिए भी तुलसी ठीक नहीं

जिन लोगों को हाइपोथायरायडिज्म यानी शरीर में थायरायड हार्मोन थायरॉक्सिन के लो लेवल की समस्या हो उन्हें भी तुलसी का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि तुलसी, थायरॉक्सिन के लेवल को कम करने के लिए जानी जाती है और अगर मरीज तुलसी का सेवन करेंगे तो उनके शरीर में थायरॉक्सिन हार्मोन की खतरनाक रूप से कमी हो सकती है.

 

  1. खून को पतला कर सकती है तुलसी

तुलसी के पत्तों में ऐसी प्रॉपर्टीज पायी जाती है जो खून को पतला करने के लिए जानी जाती है. लिहाजा अगर कोई व्यक्ति पहले से ही खून को पतला करने वाली दवा जैसे- वॉरफैरिन या हेपारिन का सेवन कर रहा हो तो उन्हें तुलसी का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि तुलसी के पत्ते, इन दवाइयों की खून को पतला करने की क्षमता को और तेज कर देते हैं जिससे गंभीर जटिलाएं उत्पन्न हो सकती हैं.

 

  1. जिनकी सर्जरी होनी है वो भी न खाएं तुलसी

तुलसी की पत्तियां, ब्लड क्लॉट यानी खून का थक्का जमने की प्रक्रिया को भी धीमा कर देती हैं इसलिए इस बात का खतरा अधिक है कि सर्जरी के दौरान या फिर सर्जरी के बाद बहुत अधिक खून बहने का खतरा हो सकता है. लिहाजा अगर किसी व्यक्ति की कोई सर्जरी होने वाली हो तो कम से कम 2 हफ्ते पहले से ही उन्हें तुलसी का सेवन बंद कर देना चाहिए और सर्जरी के बाद भी कुछ दिनों तक तुलसी नहीं खाना चाहिए.

 

  1. फर्टिलिटी पर असर डाल सकती है तुलसी

वैसे तो अब तक इस बारे में इंसानों पर कोई स्टडी नहीं हुई है लेकिन जानवरों पर हुई स्टडी से पता चलता है कि तुलसी का महिलाओं और पुरुषों दोनों की फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ता है. अधिक मात्रा में तुलसी का सेवन करने से स्पर्म काउंट की संख्या कम हो जाती है और साथ ही निषेचित अंडा यानी फर्टिलाइज्ड एग के गर्भाशय से अटैच होने की संभावना भी कम हो जाती है. लिहाजा जो महिलाएं गर्भवती होना चाहती हैं उन्हें भी तुलसी का सेवन नहीं करना चाहिए.

कोई भी उत्पाद चाहे कितना भी प्राकृतिक और आयुर्वेदिक क्यों न हो, उसके थोड़े बहुत साइड इफेक्ट्स जरूर होते हैं. भले ही वह ढेरों बीमारियों के इलाज में काम आए लेकिन वह पूरी तरह से दुष्प्रभाव से रहित हो ऐसा होना संभव नहीं लगता. लिहाजा अगली बार आप जब भी तुलसी का सेवन करने जाएं तो सीमित मात्रा में ही करें और याद रखें कि किन लोगों को तुलसी का सेवन नहीं करना चाहिए.