देना होगा ये शुल्क, UP में बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीजों का होटल-रिसॉर्ट में भी इलाज

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योगी सरकार ने कोरोना के बिना लक्षण वाले संक्रमित मरीजों के लिए लखनऊ और गाजियाबाद में होटल और रिसॉर्ट में भी इलाज की सुविधा देनी शुरू कर दी है. लेकिन इस सुविधा के लिए लोगों को अलग से शुल्क देना होगा.

लखनऊ. यूपी में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा जारी है. पिछले चौबीस घंटे में 1700 से ज्यादा मामले सामने आए हैं. अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि यूपी में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 1,733 नए मामले सामने आए हैं. वर्तमान में 16,445 कोरोना संक्रमण के मामले एक्टिव हैं, अब तक 27,634 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं.

1500 से 2000 रुपए रोजाना शुल्क

इसके अलावा योगी सरकार ने कोरोना के बिना लक्षण वाले (Asymptomatic) संक्रमित मरीजों के लिए लखनऊ और गाजियाबाद में होटल और रिसॉर्ट में भी इलाज की सुविधा देनी शुरू कर दी है. लेकिन इस सुविधा के लिए लोगों को अलग से शुल्क देना होगा. यहां एक मरीज को 1500 रुपए रोजाना शुल्क देना होगा, जिसमें रहने और खाने का खर्च शामिल होगा. वहीं दो बेड के रूम के लिए 2000 रुपए रोजना शुल्क लगेगा. होटल में डॉक्टर नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था सरकार की तरफ से होगी. लखनऊ और गाजियाबाद के बाद ये व्यवस्था अन्य शहरों में भी दी जाएगी.

 

इसी क्रम में लखनऊ में आनंदी वाटर पार्क, फैजाबाद रोड को कोविड-19 सेंटर बनाया गया है. जानकारी के अनुसार L1 हॉस्पिटल के तौर पर आनंदी वाटर पार्क काम करेगा. यहां सिंगल बेड 1600 और डबल बेड ₹2000 पर उपलब्ध रहेगा.

अभी लखनऊ और गाजियाबाद में मिलेगी सुविधा

अमित मोहन प्रसाद ने बातया कि जो लोग चिकित्सा के दौरान चिकित्सीय सुविधाओं के अतिरिक्त अन्य सेवाएं भी पाना चाहते हैं, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लखनऊ एवं गाजियाबाद में एक नई व्यवस्था की गई है. इस व्यवस्था को अन्य जनपदों में भी लागू किया जाएगा. इसके तहत जिला प्रशासन द्वारा होटल का अधिग्रहण कर असिम्प्टोमैटिक मरीजों को वहां रखा जाएगा तथा उन्हें वहीं राजकीय चिकित्सा सुविधा दी जाएगी. इस व्यवस्था के लिए डबल एक्यूपेंसी पर ₹2,000 प्रतिदिन देय होगा. को-मॉर्बिडिटी, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को इस व्यवस्था की अनुमति नहीं दी गई है.

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यूपी में डेढ़ लाख बेड की व्यवस्था

उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों को भी कोविड हॉस्पिटल के रूप में काम करने की अनुमति सरकार द्वारा पहले ही दी जा चुकी है. कोविड अस्पताल के रूप में काम कर रहे निजी अस्पतालों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क की दर भी पूर्व से ही निर्धारित की जा चुकी है. वर्तमान में प्रदेश में अनेक निजी अस्पताल कोविड अस्पताल के रूप में कार्य कर रहे है. प्रदेश में एल-1, एल-2, एल-3 अस्पतालों में 1.5 लाख बेड उपलब्ध हैं.

यूपी में अब तक 13 लाख से ज्यादा सैंपलों की जांच

उन्होंने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है. प्रदेश में कल गुरुवार एक बेंचमार्क स्थापित करते हुए 24 घंटों में सर्वाधिक 54,207 सैम्पलों की जांच की गई है. इस प्रकार कोविड-19 की जांच में 13 लाख का आंकड़ा पार करते हुए प्रदेश में अब तक कुल 13,79,534 सैम्पलों की जांच की गई है. पूल टेस्ट के अन्तर्गत कुल 3,339 पूल की जांच की गई, जिसमें 2,907 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 432 पूल 10-10 सैम्पल के थे.

वहीं 1,71,471 सर्विलांस टीमों द्वारा 1,24,35,528 घरों के 3,34,41,383 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है. उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से अलर्ट जनरेट होने पर कन्ट्रोल रूम द्वारा अब तक लगभग 2,86,406 लोगों को फोन कर जानकारी प्राप्त की गई है. वहीं सीएम हेल्पलाइन 1076 से भी लगातार फोन किया जा रहा है.

यूपी में 1.75 लाख लोग बुखार, खांसी, जुकाम से पीड़ित

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि डोर-टू-डोर सर्विलांस के दौरान प्रदेश में लगभग 1.75 लाख लोगों में बुखार, खांसी, जुकाम एवं सांस लेने में तकलीफ आदि के लक्षण मिले हैं, इसमें से 40 हजार लोगों के सैम्पल लेकर जांच की जा रही है. उन्होंने साफ किया कि प्रदेश में किसी को होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि लक्षणहीन लोगों के घर में आइसोलेट होने से घर के अन्य सदस्यों तथा आइसोलेट व्यक्ति के इधर-उधर आने-जाने से अन्य लोगों में भी संक्रमण का खतरा हो सकता है.