होटलों में ठहरे विधायकों के वेतन भत्ते रोकने को लेकर जनहित याचिका -कहा-कोरोना के चलते राज्य वित्तीय स्थिति को देखते हुए नहीं दिए जाए वेतन भत्ते

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जयपुर: प्रदेश के सियासी संग्राम के बीच अब जयपुर और मानेसर की होटलों में रूके विधायकों को वेतन भत्ते रोकने की मांग करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है.पत्रकार विवेकसिंह जादोन की ओर से दायर की गई आपको बता दें कि विवेक सिंह अभी जयपुर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र मरुधर बुलेटिन में संपादक पद पर कार्यरत हैं इससे पहले उन्होंने dpkन्यूज़ में भी कार्य किया था इस याचिका में कहा गया है कि राज्य में कोरोना विपदा के चलते पहले से ही वित्तिय स्थिती ठीक नही है.पिछले दो सप्ताह से भी अधिक समय से भी 1ृ02 विधायक जयपुर और 19 विधायक गुडगाव और मानेसर की होटलो में रूके हुए है.ऐसे में विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में जाकर जनहित के कार्य करने की बजाय निजी कारणों से होटल में रूके है.इसलिए उन्हे प्रतिमाह क्षेत्र के दौरे के लिए मिलने वाले विधायक के तौर पर सभी वेतन और भत्ते रोके जाये.

एक ही पार्टी के दो नेता लड़ रहे है जनता क्यों करे भुगतान:

जनहित याचिका में कहा गया कि है प्रदेश में एक ही राजनैतिक दल के दो नेताओं में आपसी प्रतिद्वदता के चलते जनता के धन का दुरूपयोग किया जा रहा है.ऐसे में बिना विधानसभा क्षेत्रों में जाये सरकार द्वारा उन्हे वेतन भत्ते और अन्य सुविधाए पुरी तरह से गलत है.याचिका में कहा गया कि फेयरमाउण्ट होटल में रूके मुख्यमंत्री खेमे के 102 विधायकों के साथ गुड़गाव या अज्ञात जगह पर रूके सचिन पायलट खेमे के 19 विधायकों को किसी भी तरह का भुगतान नही किया जाना चाहिए.क्योंकि जनता के प्रति वे अपने कर्तव्या का निर्वहन नही कर रहे है.याचिका में कहा गया कि कांग्रेस में गु्प पॉलिटिक्स जारी है और सरकार अपने चहेते विधायको पर बडी राशि खर्च कर रही है.

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15 लाख प्रतिदिन खर्च किया जा रहा विधायकों पर:

याचिका में कहा गया है कि सरकार अपने 102 विधायकों के लिए होटल में सुविधाओं के लिए प्रतिदिन 15 लाख तक का भुगतान कर रही है वही अधिवक्ताओं की फीस के तौर पर 50 लाख् तक खर्च कर रही है.सचिन पायलट खेमे के 19 विधायकों पर भी होटल से लेकर अधिवक्ताओं के लिए करोडों में राशि खर्च की जा रही है.याचिका में पिछले दो सप्ताह में विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई खबरों का संकलन भी पेश किया गया है.