वसीम अकरम ने कराची किंग्स के PSL खिताब को किया डीन जोन्स को समर्पित

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कराची किंग्स के मुख्य कोच वसीम अकरम ने पाकिस्तान सुपर लीग में अपनी टीम की पहली खिताबी जीत को दिवंगत डीन जोन्स को समर्पित किया है, जिनका पिछले महीने दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज जोन्स पीएसएल 2020 से पहले कराची किंग्स से मुख्य कोच के रूप में जुड़े थे और फरवरी-मार्च में लीग मैचों के दौरान मौजूद थे, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण को स्थगित कर दिया गया.

आईपीएल के दौरान मुंबई में जोन्स के निधन के बाद अकरम कोच के रूप में कराची किंग्स टीम से जुड़े . अकरम ने एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘यह ऐसा साल है जिसे मैं लंबे समय तक नहीं भूल सकता. यह मेरे लिए दुख और खुशी दोनों लेकर आया. कल रात डीनो की बेहद कमी खली.’’

उन्होंने कहा, ‘‘डीनो कराची किंग्स और पीएसएल का अभिन्न हिस्सा था. मुझे मुख्य कोच का पद संभालना पड़ा लेकिन मैं उसके जज्बे और प्रतिबद्धता की जगह कभी नहीं ले सकता.’’ कराची किंग्स ने मंगलवार को फाइनल में लाहौर कलंदर्स को पांच विकेट से हराकर पहली बार पीएसएल खिताब जीता. कप्तान इमाद वसीम और टीम के सदस्य बाबर आजम ने भी पीसएल की खिताबी जीत जोन्स को समर्पित कहा कि यह उन्हें उनकी सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजलि है.

बाबर के अर्धशतक से कराची ने पीएसएल खिताब जीता

बाबर आजम के नाबाद अर्धशतक के दम पर कराची किंग्स ने पाकिस्तान सुपर लीग के फाइनल में लाहौर कलंदर्स को पांच विकेट से हराकर पहली बार इस टी20 टूर्नामेंट का खिताब जीता. बाबर ने 49 गेंद में सात चौकों की मदद से नाबाद 63 रन की पारी खेली जिससे कराची की टीम ने आठ गेंद शेष रहते पांच विकेट पर 135 रन बनाकर जीत दर्ज की. इससे पहले लाहौर की टीम धीमी पिच को पढ़ने में नाकाम रही और सात विकेट पर 134 रन ही बना सकी.

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कोरोना वायरस महामारी के कारण आठ महीने निलंबित रहने के बाद टूर्नामेंट का नॉकआउट चरण खेला गया. बाबर 473 रन के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोर रहे. बाबर ने चाडविक वाल्टन (22) के साथ तीसरे विकेट के लिए 50 गेंद में 61 रन की साझेदारी भी की. इससे पहले लाहौर के बल्लेबाज धीमी पिच पर जूझते दिखे. तमीम इकबाल (35) और फखर जमां (27) ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े लेकिन 10 से अधिक ओवर खेल गए. इन दोनों को उमेद आसिफ ने आउट किया. मोहम्मद हफीज भी दो रन बनाकर पवेलियन लौटे. लाहौर की टीम ने दो रन के भीतर तीन विकेट गंवाए जिससे टीम उबर नहीं पाई. पहली बार फाइनल खेल रही लाहौर की टीम ने 52 खाली गेंद खेली.