क्या उपचुनाव के नतीजों से तय होगा यूपी 2022 चुनावों का एजेंडा? पढ़ें पूरी कहानी

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 उत्‍तर प्रदेश के लिए मंगलवार यानी 10 नवंबर का दिन बेहद अहम है. इस दिन यूपी की 7 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे. इन सीटों पर योगी सरकार ने पूरा दम लगाया है और उसे कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से जोरदार टक्‍कर मिली है. जबकि इन सात सीटों पर हुए उपचुनाव का रिजल्‍ट उत्‍तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 का एजेंडा तय करने का दम रखता है. वैसे भी उपचुनाव में सपा और कांग्रेस ने उत्‍तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है.

बहरहाल, 2017 के विधानसभा चुनाव में इन सात सीटों में से छह पर भाजपा ने जीत हासिल की थी. सिर्फ जौनपुर के मल्हनी में उसे सपा ने मात दी थी. मल्हनी से सपा के पारसनाथ यादव विधायक बने थे. अब देखना ये है कि इस बार के उपचुनाव में कौन कितने पानी में रहता है. वैसे तो रामपुर की स्वार सीट पर भी उपचुनाव होना था, लेकिन, सुप्रीम कोर्ट में मामला पेडिंग होने के कारण फिलहाल ये सीट खाली रहेगी.

आइए जानते हैं किन किन सीटों पर हुई है वोटिंग और…

1. मल्हनी, जौनपुर: इस सीट पर भाजपा ने मनोज सिंह को लड़ाया है. मनोज सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पदाधिकारी रह चुके हैं. जबकि सपा से लकी यादव हैं. उनके पिता पारसनाथ यादव 2017 में विधायक बने थे, लेकिन उनके निधन के कारण सीट पर उपचुनाव हुआ है. बसपा ने जय प्रकाश को टिकट दिया, तो कांग्रेस ने राकेश मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर धन्नंजय सिंह एक अलग ही फैक्टर हैं. वे भी निर्दलीय चुनाव लड़े हैं.
2. बांगरमऊ, उन्नाव: भाजपा ने इस सीट से श्रीकंत कटियार को उतारा था. सपा से सुरेश कुमार पाल और बसपा ने महेश प्रसाद किस्मत आजमा रहे हैं. कांग्रेस ने बांगरमऊ से आरती बाजपेयी को अपना उम्मीदवार बनाया है. चर्चा है कि आरती बाजपेयी ने अच्छी फाइट की है. 2017 में भाजपा से जीते कुलदीप सिंह सेंगर के मुकदमे में दोषी पाये जाने से ये सीट खाली हुई थी.
3. टूण्डला, फिरोजाबाद: एसपी सिंह बघेल के भाजपा से सांसद चुने जाने के बाद ये सीट खाली हुई थी. इस सीट पर भाजपा ने प्रेमपाल धनगर को लड़ाया है. इनके सामने सपा के महराज सिंह धनगर चुनाव मैदान में थे. जबकि बसपा से संजीव कुमार चक को मैदान में उतारा है. वहीं, कांग्रेस तो नतीजों से पहले ही ये सीट गंवा बैठी थी, क्योंकि उसके उम्मीद्वार स्नेह लता का तो पर्चा ही खारिज हो गया था.
4. घाटमपुर, कानपुर: भाजपा की मंत्री कमलरानी वरुण के निधन के कारण ये सीट खाली हुई थी. इस सीट पर भाजपा ने उपेन्द्र कुशवाहा को उतारा है. सपा ने इन्द्रजीत कोरी को उम्मीदवार बनाया है. जबकि बसपा ने कुलदीप कुमार को टिकट दिया है. कांग्रेस ने कृपा शंकर पर दांव लगाया है.
5. नौगावन सादात, अमरोहा: भाजपा ने इस सीट से दिवंगत मंत्री चेतन चौहान की पत्नी संगीता चौहान को चुनाव लड़ाया है. इनका मुकाबला सपा के सैय्यद जावेद अब्बास, बसपा के मोहम्मद फुरकान अहमद और कांग्रेस के कमलेश सिंह से हुआ है.
6. बुलंदशहर: भाजपा के वीरेन्द्र सिंह सिरोही के निधन के कारण इस सीट पर उपचुनाव हुआ है. भाजपा ने इस सीट पर दिवंगत सिरोही की पत्नी उषा सिरोही को लड़ाया है. सपा ने यहां से उम्मीदवार नहीं उतारा है बल्कि राष्ट्रीय लोकदल के लिए सीट छोड़ी थी. रालोद से प्रवीण सिंह किस्मत आजमा रहे हैं. बसपा ने मोहम्मद युनूस को टिकट दिया था . जबकि कांग्रेस ने सुशील चौधरी को उतारा है.
7. देवरिया: भाजपा विधायक जनमेजय सिंह के निधन के चलते इस सीट पर उपचुनाव हुआ है. यहां से भाजपा ने सत्य प्रकाश मणि को लड़ाया है. मणि देवरिया के संत विनोबा पीजी कॉलेज में राजनीति विज्ञान में एसोसिएट प्रोफेसर हैं. सपा ने ब्रह्माशंकर त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है. बसपा ने अभयनाथ त्रिपाठी और कांग्रेस ने मुकुंद भाष्कर मणि त्रिपाठी को चुनाव में उतारा है. सभी के सभी प्रत्‍याशी ब्राह्मण हैं. ये अपने आप में बहुत खास है. पूर्व भाजपा विधायक जनमेजय सिंह के बेटे पिण्टू सिंह भाजपा से बागी होकर निर्दलीय लड़े हैं.
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